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उद्देश्य और लक्ष्य: युवतियों में स्तन कैंसर की घटना लगातार बढ़ रही है और इनमें से कई मरीजों को अधिक आक्रामक बीमारी की जीव विज्ञान वाला माना जाता है। इस अध्ययन का उद्देश्य 40 वर्ष की आयु के अंतर्गत स्तन कैंसर के इलाज के लिए एक तृतीयक देखभाल संस्थान में उपचारित रोगियों का जनसांख्यिकीय प्रोफ़ाइल, क्लिनिकोपैथोलॉजिकल प्रोफ़ाइल और प्रबंधन की जानकारी प्राप्त करना था। सामग्री और विधियां: इस अध्ययन ने जनवरी 2012 से दिसंबर 2018 के बीच हमारे ऑन्कोलॉजी विभाग में स्तन कैंसर की बायोप्सी द्वारा प्रमाणित सभी महिलाओं का पुनः विश्लेषण किया। 40 वर्ष से कम आयु के मरीजों को कुल स्तन कैंसर मरीजों से अलग किया गया। जनसांख्यिकीय प्रोफ़ाइल, नैतिक स्तर, पैथोलॉजिकल स्तर, हार्मोनल स्थिति और उपचार की जानकारी मेडिकल रिकॉर्ड से एकत्रित की गई और विश्लेषित की गई। परिणाम: अध्ययन अवधि के दौरान कुल 1056 बायोप्सी प्रूवे स्तन कैंसर मरीजों का उपचार किया गया। जिनमें से 40 वर्ष से कम आयु के स्तन कैंसर के मरीज 161 (15.24%) थे। पेशीकरण की औसत आयु 33 वर्ष थी। अधिकतम मरीज 35 से 40 वर्ष की आयु वर्ग में थे (45.4%)। अधिकांश मरीज स्टेज III के साथ पेश हुए (44%)। इन्फिल्ट्रेटिंग डक्टल कार्सिनोमा, ग्रेड II सबसे सामान्य हिस्टोलॉजिकल प्रकार और ग्रेड था। 49% मरीजों में ER (ओस्ट्रोजन रिसेप्टर) पॉजिटिविटी देखी गई और 49.7% में PR (प्रोजेस्टेरोन रिसेप्टर) पॉजिटिविटी देखी गई और 46% में HeR2 पॉजिटिविटी थी। निष्कर्ष: हमारा अध्ययन निष्कर्ष निकालता है कि 40 वर्ष से कम आयु के स्तन कैंसर मरीजों की घटना बढ़ रही है। इन मरीजों में उच्च ग्रेड ट्यूमर, हर2 पॉजिटिव और ट्रिपल-निगेटिव स्तन कैंसर होने की संभावना होती है। स्तन गांठ के साथ पेश होने वाले युवा मरीजों का सभी मानक स्क्रीनिंग और नैदानिक जांच करवानी चाहिए ताकि शीघ्र निदान और उचित हस्तक्षेप किया जा सके।
B एट अल। (मंगल,) ने इस प्रश्न का अध्ययन किया।