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उद्देश्य: रोगी-विशिष्ट मिट्रल वाल्व का 3-आयामी प्रिंटिंग सॉफ्ट सामग्री में करना एक कठिन और समय लेने वाली प्रक्रिया है। इस अध्ययन का लक्ष्य सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण और प्रक्रिया नियोजन के लिए रोगी-विशिष्ट मिट्रल वाल्वों की प्रत्यक्ष 3-आयामी प्रिंटिंग के लिए एक विधि विकसित करना था। विधियाँ: डेटा अधिग्रहण के आधार पर एक प्रक्रिया विकसित की गई, जिसमें 3-आयामी ट्रांसेसोफेजियल इकोकार्डियोग्राफी कार्टेशियन डिजिटल इमेजिंग और चिकित्सा संचार प्रारूप, सॉफ्टवेयर (Vesalius3D, Blender, Meshlab, Atum3D ऑपरेशन स्टेशन) का उपयोग करके छवि प्रोसेसिंग, और डिजिटल लाइट प्रोसेसिंग का उपयोग करके 3-आयामी प्रिंटिंग शामिल है, जो फोटोपॉलिमर रेजिन पर आधारित एक एडिटिव मैन्यूफैक्चरिंग प्रक्रिया है। प्रयोगों में प्रिंटिंग प्रक्रिया के दौरान 3 चर का समन्वय शामिल था: ठोसकरण के समय, मॉडल की पतलापन, और जाली संरचना। प्रिंट किए गए मॉडलों का भौतिक सिमुलेशन में उपयुक्तता के लिए एक अनुभवी मिट्रल वाल्व सर्जन द्वारा मूल्यांकन किया गया। परिणाम: एक रोगी के मिट्रल वाल्व का सॉफ्ट सामग्री में प्रत्यक्ष 3-आयामी प्रिंटिंग 1.5 से 4.5 घंटे के भीतर पूर्ण हुआ। 5, 7, 10, और 15 मिनट के बाद ठोसकरण के समय के साथ प्रिंट अधिक कठोरता वाले बने। 2.0-मिमी और 2.4-मिमी पतले पत्तों वाले मिट्रल वाल्व अधिक लचीले लगे बिना सामग्री के माध्यम से टांकों के फटने के। जाली संरचनाओं का जुड़ाव प्रिंट को अधिक अनुपालन और बेहतर समर्थन प्रदान करता है। निष्कर्ष: वास्तविक और लचीले रोगी-विशिष्ट मिट्रल वाल्व की प्रत्यक्ष 3-आयामी प्रिंटिंग कुछ घंटों के भीतर प्राप्त हुई। पतले पत्तों, कम ठोसकरण समय, और जाली संरचनाओं के संयोजन ने भौतिक सिमुलेशन के लिए सॉफ़्ट सामग्री में एक वास्तविक रोगी-विशिष्ट मिट्रल वाल्व बनाने को सक्षम किया। ग्राफिकल सारांश।
Sobbi et al. (शुक्रवार,) ने इस प्रश्न का अध्ययन किया।