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उद्देश्य: फेमोरल एक्सेस साइट के माध्यम से परक्यूटेनियस कोरोनरी इंटरवेंशन के बाद, बंद करने के उपकरण और मैन्युअल संकुचन के बीच जटिलताओं की तुलना करना। अध्ययन डिजाइन: तुलनात्मक क्रॉस-सेक्शनल अध्ययन। अध्ययन का स्थान और अवधि: सशस्त्र बल चिकित्सा संस्थान, मार्च से नवंबर 2021। कार्यप्रणाली: अध्ययन अवधि के दौरान फेमोरल एक्सेस साइट के माध्यम से परक्यूटेनियस कोरोनरी इंटरवेंशन कराने के लिए भर्ती किये गए अस्सी रोगियों का इस विश्लेषण में शामिल किया गया। रोगियों को परक्यूटेनियस कोरोनरी इंटरवेंशन के बाद हीमोस्टेसिस के लिए अपनाए गए प्रक्रिया के लिए दो समूहों में रैंडम रूप से विभाजित किया गया। समूह-ए ने फेमोरल एक्सेस साइट का मैन्युअल संकुचन किया, जबकि समूह-बी में हीमोस्टेसिस बंद करने के उपकरण की मदद से प्राप्त किया गया। दोनों समूहों में हेमाटोमा गठन, प्सूडो-एन्यूरिज्म, एवी फिस्टुला और रक्तस्राव की तुलना की गई। परिणाम: इस विश्लेषण में अस्सी रोगियों ने भाग लिया। उनमें से, 50(62.5%) पुरुष और 30(37.5%) महिलाएं थीं। रोगियों की औसत आयु 48.85±8.93 वर्ष थी। 35(43.75%) रोगियों में, हीमोस्टेसिस मैन्युअल संकुचन (समूह-ए) द्वारा प्राप्त किया गया, जबकि 45(56.25%) रोगियों में, वास्कुलर संकुचन उपकरण (समूह-बी) द्वारा। दोनों समूहों में हेमाटोमा गठन, एवी फिस्टुला गठन, रक्तस्राव और प्सूडो-एन्यूरिज्म गठन में सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण अंतर नहीं था (p-value: 0.05)। निष्कर्ष: फेमोरल वीन एक्सेस के माध्यम से पीसीआई में हीमोस्टेसिस के मैन्युअल संकुचन और बंद करने के उपकरण की विधि के बीच अध्ययन में जटिलताओं में कोई सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण अंतर नहीं था।
Rehman et al. (सोम,) ने इस प्रश्न का अध्ययन किया।