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पृष्ठभूमि: सूक्ष्मजीव समुदायों का अध्ययन हाल के वर्षों में 16S rRNA जीन अनुक्रमण और मेटाजेनोमिक्स जैसी संस्कृति स्वतंत्र विश्लेषणात्मक तकनीकों के व्यापक अपनाने से क्रांतिकारी हुआ है। इन अनुक्रम-आधारित दृष्टिकोणों का एक संभावित व्याकुल करने वाला कारक DNA निष्कर्षण किट और अन्य प्रयोगशाला रसायनों में संदूषण की उपस्थिति है। परिणाम: इस अध्ययन में हम दर्शाते हैं कि संदूषित DNA सामान्यतः उपयोग किए जाने वाले DNA निष्कर्षण किट और अन्य प्रयोगशाला रसायनों में सर्वव्यापी है, विभिन्न किटों और किट बैचों के बीच संयोग में काफी भिन्नता होती है, और यह संदूषण उन नमूनों से प्राप्त परिणामों पर गंभीर प्रभाव डालता है जिनमें कम सूक्ष्म जीव जैव द्रव्यमान होता है। संदूषण दोनों PCR-आधारित 16S rRNA जीन सर्वेक्षणों और शॉटगन मेटाजेनोमिक्स को प्रभावित करता है। हम संभावित संदूषण जनरों की एक व्यापक सूची और संदूषण के प्रभावों को कम करने के लिए दिशानिर्देश प्रदान करते हैं। निष्कर्ष: ये परिणाम सुझाव देते हैं कि कम जैव द्रव्यमान वाले पर्यावरण में माइक्रोबायोटा के अध्ययन के लिए अनुक्रम-आधारित तकनीकों को लागू करते समय सतर्कता बरतने की सलाह दी जानी चाहिए। नकारात्मक नियंत्रण नमूनों के संतुलित अनुक्रमण की जोरदार सिफारिश की जाती है।
सल्टर एट अल। (मंगल,) ने इस प्रश्न का अध्ययन किया।