उद्देश्य इस अध्ययन का उद्देश्य दक्षिण भारत के एक चतुर्थक देखभाल अस्पताल (quaternary care hospital) में स्वास्थ्य पेशेवरों के बीच घटना रिपोर्टिंग (incident reporting) में आने वाली बाधाओं का पता लगाना था। कार्यप्रणाली सिस्टेमैटिक रैंडम सैंपलिंग का उपयोग करके चुने गए 1784 स्वास्थ्य पेशेवरों के बीच मई से जून 2023 तक एक क्रॉस-सेक्शनल अध्ययन आयोजित किया गया था। डेटा का विश्लेषण वर्णनात्मक सांख्यिकी, χ 2 परीक्षणों और प्रसरण विश्लेषण (analysis of variance) का उपयोग करके किया गया था। परिणाम कुल 629 लोगों ने प्रतिक्रिया दी (35% प्रतिक्रिया दर): 68 डॉक्टर (10%), 435 नर्सें (69%) और 126 संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवर (allied health professionals) (20%)। घटना रिपोर्टिंग संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवरों में सबसे अधिक (65%) थी, इसके बाद नर्सों (39%) और डॉक्टरों (27%) का स्थान था। हालांकि, नर्सों ने घटनाओं की उच्चतम पूर्ण संख्या (n=170) दर्ज की। सबसे अधिक रिपोर्ट की जाने वाली घटनाओं के प्रकारों में दवा से संबंधित (n=92), रोगी सुरक्षा (n=69) और रोगी देखभाल (n=42) शामिल थे। सबसे आम बाधाएं व्यक्तिगत थीं, विशेष रूप से दंडात्मक कार्रवाई का डर (66% संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवर, 36% नर्सें और 15% डॉक्टर), पहचान ट्रैक होने की चिंताएं (क्रमशः 56%, 40% और 38%) और कथित तौर पर गोपनीयता की कमी। समूहों के बीच कथित बाधाओं में अंतर सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण थे (p<0.05)। निष्कर्ष व्यक्तिगत स्तर की बाधाएं—विशेष रूप से दंडात्मक कार्रवाई का डर और गोपनीयता की कमी—स्थापित प्रणालियों के बावजूद रिपोर्टिंग को सीमित करना जारी रखती हैं। नेतृत्व को एक गैर-दंडात्मक, गोपनीय संस्कृति को बढ़ावा देना चाहिए और फीडबैक में सुधार करना चाहिए। यद्यपि प्रक्रियाओं को सरल बनाने और प्रशिक्षण का विस्तार करने से भागीदारी बढ़ सकती है, लेकिन ये रणनीतियाँ हमारे संस्थान में अप्रयुक्त हैं, जो भविष्य के गुणवत्ता सुधार प्रयासों के लिए मार्गदर्शन के रूप में काम करती हैं।
Loganathan et al. (Thu,) ने इस प्रश्न का अध्ययन किया।