सार पृष्ठभूमि फोरेंसिक विज्ञान में पहचान एक प्रमुख चुनौती है। पैराबैसिलरी साइनसों में व्यक्तिगत और लिंग-संबंधी विभिन्नताएँ पाई जाती हैं। ईथमॉयड साइनस की आंतरिक संरचना की जटिलता, इसकी गहरी शारीरिक स्थिति, और आघात व शल्य चिकित्सा से इसकी सापेक्ष सुरक्षा फोरेंसिक दृष्टि से संभावित मूल्य बताती है, विशेष रूप से आंशिक कंकाल अवशेषों वाले मामलों में। इस अध्ययन में 221 मिस्री वयस्कों (103 पुरुष, 118 महिलाएं) के मल्टीस्लाइस CT स्कैन से प्राप्त फ्रंटल, मैक्सिलरी और ईथमॉयड साइनस मापों का उपयोग कर लिंग पहचान का मूल्यांकन किया गया। साइनसों के रेखीय आयाम और आयतन के साथ चुनी गई साइनसों के बीच की दूरी और ईथमॉयड से संबंधित मापों का विश्लेषण किया गया। परिणाम अध्ययन किए गए माप पुरुषों में महिलाओं की तुलना में अधिक होने की प्रवृत्ति दिखाते हैं। लिंग भविष्यवाणी के लिए व्यक्तिगत साइनसों का उपयोग कर कई लॉजिस्टिक रिग्रेशन मॉडल विकसित किए गए। फ्रंटल साइनस मॉडल की संवेदनशीलता 56.3% और विशिष्टता 72.0% थी, जबकि मैक्सिलरी साइनस मॉडल की संवेदनशीलता 50.5% और विशिष्टता 76.3% थी। ईथमॉयड साइनस मॉडल ने बेहतर प्रदर्शन किया, जिसकी संवेदनशीलता 68.9% और विशिष्टता 83.1% थी। सभी साइनस मॉडल ने सर्वोत्तम परिणाम दिए, जिसमें संवेदनशीलता 72.8% और विशिष्टता 79.7% थी। कुल मिलाकर, फ्रंटल साइनस की सटीकता 64.71%, मैक्सिलरी साइनस की 64.25%, और ईथमॉयड एवं सभी साइनस मॉडल की 76.47% थी। निष्कर्ष पैराबैसिलरी साइनस मापन लिंग के अनुसार विभिन्नता दर्शाते हैं, जिससे मध्यम सटीकता के साथ लिंग की भविष्यवाणी संभव है। व्यक्तिगत साइनसों में ईथमॉयड साइनस की भेदभाव क्षमता सबसे अधिक थी, जबकि सभी साइनसों के संयोजन से भविष्यवाणी प्रदर्शन और बेहतर हुआ। आगे के अध्ययनों को बड़े, विविध जनसंख्या में इन मॉडलों को मान्य करना चाहिए।
मसूद आदि (Sat,) ने इस प्रश्न का अध्ययन किया।