अल्युमिना खोखले फाइबर (AHF) पर विकसित ज़िरकोनिया (Zr) आधारित धातु-कार्बनिक ढांचे (UiO-66) को प्राप्त करना चुनौतीपूर्ण रहता है। ज़रकोनिया ऑक्साइड (ZrO2) नैनोकणों को कोट-सीडेड कणों के रूप में पेश करके, UiO-66 और ZrO2 नैनोकणों के बीच हाइड्रोजन बंधन को मजबूत किया जा सकता है। इस अध्ययन का उद्देश्य UiO-66 के इन-सिटू सॉल्वोथर्मल अवसादन से पूर्व सॉल-गेल पेचिनी विधि का उपयोग करके ZrO2 नैनोकणों को कोट-सीड करके AHF को संशोधित करना है। तैयार किए गए नमूनों का वर्णन स्कैनिंग इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप (SEM), फील्ड इमिशन SEM (FESEM), एटॉमिक फोर्स माइक्रोस्कोपी (AFM), और संपर्क कोण मापने के माध्यम से किया गया। अवशिष्ट UiO-66 नमूनों का परीक्षण एक्स-रे विवर्तन (XRD), ब्रुनॉयर-एमेट-टेलर (BET), और फूरियर ट्रांसफॉर्म इन्फ्रारेड (FTIR) स्पेक्ट्रोस्कोपी का उपयोग करके किया गया। ह्यूमिक एसिड (HA) हटाने के अध्ययन ने खुलासा किया कि AHF/ZrO2/Zr-B24 नमूने में HA हटाने में 99.8% अस्वीकृति और 42.4 ± 1.7 L·m-2·h-1 के घुलनशीलता की दर दिखाई दी। इस परिणाम को UiO-66 और HA के बीच नकारात्मक चार्ज के बीच चार्ज प्रतिक्रिया के कारण समझा गया।
अब्दुल्ला एट अल. (सन,) ने इस प्रश्न का अध्ययन किया।
Synapse has enriched 5 closely related papers on similar clinical questions. Consider them for comparative context: