Narcissistic Spectrum of Positions के ढांचे के भीतर, पैथोलॉजी केवल किसी व्यक्ति की आंतरिक संरचना द्वारा ही परिभाषित नहीं होती है, बल्कि उनके द्वारा स्थापित संबंधपरक क्षेत्र (relational field) की गुणवत्ता और कठोरता द्वारा भी परिभाषित होती है। प्रस्तुत पाठ में, Spectrum के भीतर क्षणिक हलचलों पर जोर नहीं दिया गया है, बल्कि संगठन के उन रूपों पर जोर दिया गया है जिनमें borderline या psychopathic कार्यप्रणाली दैनिक जीवन में सापेक्ष स्थिरता और दोहरावदार अभिव्यक्ति प्राप्त करती है। जब कोई व्यक्ति मुख्य रूप से borderline या psychopathic तरीके से संगठित होता है, तो "Other" (अन्य) को धीरे-धीरे अपने आंतरिक स्थान, सीमाओं और सत्य के साथ एक स्वायत्त व्यक्ति के रूप में पहचाना जाना बंद हो जाता है। इसके बजाय, वे एक आवश्यक मानसिक आधार (psychic substrate) में परिवर्तित हो जाते हैं जिस पर व्यक्ति अपने नाजुक सामंजस्य (cohesion) को बनाए रखने का प्रयास करता है। इस परिवर्तन का रूप दोनों संगठनों में एक जैसा नहीं है: psychopathic संगठन में, Other की कीमत पर साधनात्मक उपयोग (instrumental use), थोपना और विसर्जन (discharge) हावी रहता है, जबकि borderline संगठन में, अलगाव की चिंता (separation anxiety), स्थिर सीमाओं को बनाए रखने में असमर्थता, और लगाव की हताश आवश्यकता हावी रहती है, जो Other को मानसिक उत्तरजीविता की एक शर्त में बदल देती है। Other की पीड़ा केवल एक भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि मानसिक अव्यवस्था (psychic disorganization), संबंधपरक घुटन और व्यक्तिपरक सामंजस्य के क्षरण की एक प्रक्रिया है। | Synapse