उद्देश्य यह अध्ययन पुस्तकालयाध्यक्षों की धारणा और अपेक्षाओं का विश्लेषण करने का लक्ष्य रखता है जो डिजिटल युग में उनकी भूमिकाओं के विस्तार से संबंधित हैं, विशेष रूप से दक्षिण-पूर्व एशिया के तीव्र गति से विकसित हो रहे सूचना परिदृश्य के संदर्भ में। डिजाइन/पद्धति/पहुंच इंडोनेशिया, मलेशिया, सिंगापुर, फिलीपींस और थाईलैंड के 140 पुस्तकालयाध्यक्षों के बीच एक मात्रात्मक सर्वेक्षण किया गया। डेटा को डिजिटल कौशल और संस्थागत अपेक्षाओं की धारणा का मूल्यांकन करने के लिए लाइकर्ट-स्केल आधारित प्रश्नावली के माध्यम से एकत्रित किया गया। निष्कर्ष पुस्तकालयाध्यक्ष डिजिटल साक्षरता को एक प्रमुख कौशल के रूप में उच्च जागरूकता दिखाते हैं (औसत = 4.56)। हालांकि, बिग डेटा और AI जैसी उन्नत प्रौद्योगिकियों की समझ मध्यम बनी हुई है (औसत = 3.54)। उत्तरदाताओं ने डिजिटल युग में रणनीतिक भूमिकाएं निभाने के लिए प्रशिक्षण और प्रौद्योगिकी तक पहुंच जैसी संस्थागत सहायता की आवश्यकता पर जोर दिया। मौलिकता/मूल्य यह अध्ययन दक्षिण-पूर्व एशियाई पुस्तकालयाध्यक्षों की डिजिटल रूपांतरण के लिए तत्परता पर क्षेत्रीय अंतर्दृष्टि प्रदान करता है। यह डिजिटल साक्षरता जागरूकता और उन्नत तकनीकी समझ के बीच के अंतर को उजागर करता है तथा संस्थागत क्षमता निर्माण के महत्व को रेखांकित करता है। निष्कर्ष उन नीतियों के विकास के लिए व्यावहारिक निहितार्थ प्रदान करते हैं जो पुस्तकालयाध्यक्षों की बदलती भूमिकाओं का समर्थन करती हैं।
Harisanty et al. (बुधवार) ने इस प्रश्न का अध्ययन किया।
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