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पोस्टफेमिनिज्म का विचार नारीवादी सांस्कृतिक विश्लेषण के शब्दकोश में सबसे महत्वपूर्ण में से एक बन गया है। फिर भी, पोस्टफेमिनिज्म क्या है, इस पर बहुत कम सहमति है। यह लेख तर्क करता है कि पोस्टफेमिनिज्म को एक विशिष्ट संवेदनशीलता के रूप में समझा जाना चाहिए, जो कई आपस में जुड़े विषयों से बनी है। इनमें यह धारणा शामिल है कि स्त्रीत्व एक शारीरिक संपत्ति है; वस्तुवादीकरण से व्यक्तिवादीकरण की ओरShift; आत्म-निगरानी, निगरानी और आत्म-अनुशासन पर जोर; व्यक्तिवाद, चयन और सशक्तिकरण पर ध्यान; एक मेकओवर पैराजाइम का प्रभुत्व; और प्राकृतिक यौन भिन्नता के विचारों का पुनरुत्थान। इनमें से प्रत्येक को कुछ विस्तार से जांचा गया है, समकालीन एंग्लो-अमेरिकन मीडिया के उदाहरणों के साथ। ये विचारों का पैटर्नबद्ध अभिव्यक्ति ही एक पोस्टफेमिनिस्ट संवेदनशीलता बनाता है। लेख का निष्कर्ष इस संवेदनशीलता और समकालीन नवउदारवाद के बीच के संबंध पर चर्चा के साथ होता है।
रोसलिंड गिल (मंगलवार,) ने इस प्रश्न का अध्ययन किया।
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