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स्वस्थ विषयों से मांसपेशी बायोप्सी नमूने प्राप्त किए गए ताकि मानव कंकाल मांसपेशी फाइबर प्रकारों के बीच एकल फाइबर में उपस्थिति (ग्लाइकोजन और ट्राइग्लिसराइड) और आयन सांद्रता (Na+ और K+) तथा एंजाइम गतिविधि स्तरों (सक्सिनेट-डिहाइड्रोजनेज, SDH; फॉस्फोफ़्रक्टोकाइनेज, PFK; 3-हाइड्रॉक्सीऐसिल-कोए-डिहाइड्रोजनेज, HAD; मायोसिन ATPase) में मात्रात्मक भेदों का मूल्यांकन किया जा सके। मांसपेशी नमूने के फ्रेजों को फ्रिज सुखाने के बाद एकल फाइबरों के टुकड़े अलग किए गए और मायोफिब्रिलर-ATPase के लिए pH 10.3, 4.6, 4.35 पर पूर्व इनक्यूबेशन के साथ रंगे गए। टाइप I ("लाल") और II A, B, और C ("सफेद") फाइबरों की पहचान की गई। ग्लाइकोजन सामग्री विभिन्न फाइबरों में समान थी, जबकि ट्राइग्लिसराइड सामग्री टाइप I फाइबरों में सबसे अधिक थी (टाइप II की तुलना में 2-3 गुना)। Na+ और K+ में फाइबर प्रकारों के बीच कोई महत्वपूर्ण अंतर नहीं देखा गया। अध्ययन किए गए एंजाइमों की गतिविधि फाइबर प्रकारों में काफी भिन्न थी (SDH और HAD, टाइप I लगभग 1.5 गुना टाइप II; PFK, टाइप I लगभग 0.5 गुना टाइप II; मायोसिन ATPase, टाइप I लगभग 0.4 गुना टाइप II)। टाइप II फाइबर के उपसमूह SDH और PFK गतिविधि के आधार पर भेद किए गए थे (SDH, टाइप II C > A > B; PFK, टाइप II B > A ≈ C)। निष्कर्ष यह है कि मानव कंकाल फाइबरों के संकुचनात्मक और चयापचय लक्षण कई अन्य प्रजातियों के समान हैं। एक अंतर यह प्रतीत होता है कि किसी भी टाइप II फाइबर में टाइप I फाइबर से अधिक ऑक्सीकरण क्षमता नहीं होती।
Essén इत्यादि (बुधवार) ने इस प्रश्न का अध्ययन किया।
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