उद्देश्य: इस अध्ययन का उद्देश्य मोटापे की स्थिति और खाने की जागरूकता तथा आहार सेवन का मूल्यांकन करना है। विधि: यह अध्ययन कुताह्या में रहने वाले 10-11 वर्षीय 298 बच्चों के साथ किया गया। समाज-जनसांख्यिकी जानकारी, बच्चों के लिए खाने की जागरूकता मापदंड और 24 घंटे की भोजन खपत रिकॉर्ड, आमने-सामने सर्वेक्षण पद्धति से प्राप्त किया गया और शोधकर्ता द्वारा शारीरिक माप लिए गए। परिणाम: प्रतिभागियों का औसत आयु 10.3±0.4 वर्ष (%50 लड़कियाँ) थी, जिसमें हल्का अधिशेष वजन %19.7; मोटापा %13.7 था। लड़कों में लड़कियों की तुलना में मोटापे की दर अधिक है (p<0.05)। जहाँ माँ मोटी हो, पिता की शिक्षा स्तर उच्च विद्यालय और उससे नीचे हो, वहां मोटापे की दर अधिक पाई गई (p<0.05)। लड़कों में, जिनकी माँ की शिक्षा स्तर उच्च विद्यालय या उससे नीचे है, जिनका स्क्रीन समय दिन में 2 घंटे से अधिक है और जो स्कूल में भोजन बैग नहीं ले जाते, उनमें अनजाने खाने का स्कोर अधिक है (p<0.05)। बच्चों के खाने की जागरूकता और मोटापे की स्थिति के बीच आहार सेवन में कोई महत्वपूर्ण अंतर नहीं पाया गया। निष्कर्ष: बच्चों में मोटापे की स्थिति लिंग, माँ के मोटापे और पिता की शिक्षा स्तर के अनुसार भिन्न होती है। माँ की शिक्षा का स्तर कम, स्क्रीन समय अधिक होना एवं लड़कियों की तुलना में लड़कों का होना, अनजाने खाने के स्कोर को प्रभावित करता है। बच्चों में स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने हेतु योजनाबद्ध कार्यों में परिवार भागीदारी के साथ खाने की जागरूकता कार्यकम शामिल करना महत्वपूर्ण है। इस प्रकार, प्रारंभिक उम्र से खाने की जागरूकता प्राप्त करना, स्वस्थ भोजन व्यवहारों के वयस्कता में स्थानांतरण के लिए आधार तैयार कर सकता है।
Özkaya et al. (Thu,) ने इस प्रश्न का अध्ययन किया।
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