सार यह पेपर फ़िच्टे के "विज्ञानशास्त्र की विशेषता क्या है" की रूपरेखा को जैकोबी के विश्वास के दर्शन के प्रति एक प्रतिक्रिया के रूप में पढ़ने का प्रस्ताव करता है, विशेष रूप से उनकी उपन्यास "एडवर्ड ऑलविल के पत्र" में प्रस्तुत किया गया है। फ़िच्टे की रूपरेखा को जैकोबी के उपन्यास में एक दृश्य की काल्पनिक निरंतरता के रूप में पढ़ा जा सकता है, जिसमें आदर्शवादी क्लेरडन का भाग लेकर दिखाया गया है कि मुख्य चरित्र ऑलविल की प्राकृतिक यथार्थता को उनके सैद्धांतिक ज्ञान के व्यवस्थित नियमों के संदर्भ में समझाया जा सकता है, जहां वह दिखाते हैं कि भावना व्यावहारिक तर्क के बिना असंभव है। पेपर यह दिखाता है कि रूपरेखा किस तरह जैकोबी के 1799 के पत्र का उत्तर देने की अपेक्षा करती है, जिसमें वह फ़िच्टे को निर्माणवाद के लिए आरोपित करते हैं। फ़िच्टे दर्शाते हैं कि न केवल सैद्धांतिक ज्ञान का नकारात्मक कार्य है व्यावहारिक तर्क को सक्रिय करना, बल्कि स्वतंत्रता का व्यावहारिक प्रयोग सैद्धांतिक ज्ञान की पूर्णता भी है.
उर्सुला फ्रोज़ (गुरूवार,) ने इस प्रश्न का अध्ययन किया।