यह अध्ययन हसन रूहानी (2013-2021) के राष्ट्रपति पद के दौरान ईरान की विदेश नीति का सामना कर रहे फलन और अवसरों की जांच करता है, जिसमें इराक का मामला अध्ययन के रूप में शामिल है। इस मुद्दे का महत्व ईरान की इराक की राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण भूमिका और उपस्थिति में निहित है। ये फलन और अवसर ईरान के इराकी राजनीतिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में प्रभाव के विस्तार को आकार देते हैं। अध्ययन इस दौरान ईरान की विदेश नीति के लिए इराक की ओर सामने आने वाले प्रमुख फलन और अवसरों को भी उजागर करता है। यह एक वर्णात्मक (गुणात्मक) विश्लेषणात्मक विधि का उपयोग करता है और संरचनात्मक यथार्थवाद के सिद्धांत को लागू करता है। परिणामस्वरूप, अध्ययन में पाया गया कि हसन रूहानी के कार्यकाल के दौरान ईरान की विदेश नीति का सामना करने वाले कई महत्वपूर्ण फलन और अवसर थे, जिसमें आतंकवादी संगठन ISIS का उदय शामिल है, जिसने इराक की एक तिहाई भूमि पर कब्जा किया, अमेरिका की उपस्थिति और प्रभाव का संतुलन, और क़ासिम सुलेमानी की हत्या। अवसरों में ISIS के खिलाफ सुरक्षा सहयोग, आर्थिक विस्तार, और ISIS की हार के बाद ईरानी प्रभाव शामिल थे। ये फलन और अवसर अंतरराष्ट्रीय प्रणाली की अनार्की और इराक में व्यवस्था और शक्ति वितरण की कमी के उत्पाद थे। ये फलन और अवसर हसन रूहानी के तहत इराक में ईरान के प्रभाव और भूमिका को प्रभावित करते हैं।
मोहमद और अन्य (मंडल,) ने इस प्रश्न का अध्ययन किया।