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उद्देश्य: नैसर्गिक न्यूोप्लासिया वाले कुत्तों में केवल विकिरण चिकित्सा बनाम नासिका गुहा के एक्सेंटरेशन के साथ विकिरण चिकित्सा के दीर्घकालिक परिणामों की तुलना करना। डिजाइन: पश्चात्कालीन अध्ययन। जानवर: 53 कुत्ते जिनमें नैसर्गिक न्यूोप्लासिया था। प्रक्रिया: सभी कुत्तों को लगातार कार्यदिवसों में 4.2 Gy की 10 खुराकों के प्रशासन की परिधीय विकिरण चिकित्सा मिली। सर्जरी समूह में कुत्तों (n=13) का फॉलो-अप कंप्यूटेड टोमोग्राफी किया गया, और यदि स्थायी या पुनरावृत्त ट्यूमर देखा गया तो कुत्तों को सर्जरी के लिए निर्धारित किया गया। परिणाम: सर्जरी कराने वाले कुत्तों में परिऔषधीय जटिलताएं थीं जिनमें अंतःरक्तस्राव (2 कुत्ते) और उपक्यूटेनियस एम्फीसेमा (8) शामिल हैं। विकिरण चिकित्सा और सर्जरी समूह में कुत्तों में राइनाइटिस और हड्डी मूलशोथ-हड्डी नाश अधिक बार हुआ (क्रमशः 9 और 4 कुत्ते) बनाम केवल विकिरण चिकित्सा समूह में कुत्तों (क्रमशः 4 और 3 कुत्ते)। 2-वर्ष और 3-वर्ष का जीवित रहने की दर विकिरण चिकित्सा समूह में क्रमशः 44% और 24%, और सर्जरी समूह में क्रमशः 69% और 58% था। विकिरण चिकित्सा और सर्जरी समूह में कुत्तों के लिए कुल मध्यकालीन जीवित रहने का समय (477 महीने) केवल विकिरण चिकित्सा समूह में कुत्तों की तुलना में काफी अधिक था (19.7 महीने)। निष्कर्ष और चिकित्सीय प्रासंगिकता: परिणाम सुझाव देते हैं कि नासिका गुहा का एक्सेंटरेशन उन कुत्तों में जीवनकाल को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाता है जिन्होंने विकिरण चिकित्सा प्राप्त की है। विकिरण चिकित्सा के बाद एक्सेंटरेशन पुरानी जटिलताओं के जोखिम को बढ़ा सकता है।
एडम्स एट अल. (गुरुवार,) ने इस प्रश्न का अध्ययन किया।