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उद्देश्य इस पत्र का उद्देश्य भारतीय सूचीबद्ध कंपनियों के विवेकाधीन प्रकटीकरणों के स्तर पर बोर्ड की विशेषताओं जैसे आकार, स्वतंत्रता, व्यस्तता और द्वैधता के प्रभाव की अनुभवात्मक जांच करना है। डिज़ाइन/पद्धति/अपरोच एक प्रकटीकरण सूची, जिसमें 110 आइटम शामिल थे, का निर्माण किया गया ताकि सूचीबद्ध कंपनियों की वार्षिक रिपोर्टों में विवेकाधीन प्रकटीकरणों का मूल्यांकन किया जा सके। अध्ययन ने 2009 से 2016 तक 8 वर्षों में 1,024 कंपनी-वर्ष अवलोकनों का उपयोग करते हुए प्रकटीकरण को मापा। अध्ययन में आकार, स्वतंत्रता, व्यस्तता और द्वैधता जैसी बोर्ड की विशेषताओं का उपयोग कॉर्पोरेट शासन के संकेतक के रूप में किया गया है। निष्कर्ष परिणाम दर्शाते हैं कि जबकि स्वतंत्र निदेशकों का अनुपात विवेकाधीन प्रकटीकरणों की सीमा पर सकारात्मक प्रभाव डालता है, द्वैधता वाले बोर्डों और निदेशक की व्यस्तता का नकारात्मक प्रभाव होता है। बोर्ड का आकार प्रकटीकरणों की मात्रा पर महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं डालता। अनुसंधान की सीमाएँ/अर्थ यह अध्ययन केवल वार्षिक रिपोर्टों में किए गए विवेकाधीन प्रकटीकरणों की जांच करता है। भविष्य के अध्ययन अन्य मीडिया में प्रकटीकरण की गई जानकारी की जांच कर सकते हैं। इसके अलावा, यह अध्ययन एक अव्यवस्थित स्वयं-निर्मित प्रकटीकरण सूची का उपयोग करता है, जिसे इसकी अंतर्निहित सीमाओं के अधीन है। मौलिकता/मूल्य यह अध्ययन निदेशक की
Kavitha et al. (Tue,) studied this question.
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