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संस्कृतिक न्यूरोसाइंस और मनोविज्ञान को काव्यात्मक अनुवादशीलता की चर्चा में लागू करने के प्रयास कम हुए हैं। यह अध्ययन संस्कृतिक न्यूरोसाइंस और मनोविज्ञान की कार्यप्रणालियों तथा साक्ष्यों के माध्यम से उन न्युरोकॉग्निटिव तंत्रों का अन्वेषण करता है जिनके द्वारा अनुवाद प्रक्रिया के दौरान दृष्टिकोणों में सांस्कृतिक विविधताएं लक्ष्य संस्कृति में काव्यात्मक स्वीकृति को प्रभावित करती हैं। चीनी कविता का अंग्रेज़ी अनुवाद अक्सर दृष्टिकोणों के पूरक के रूप में कार्य करता है और इसके साथ सांस्कृतिक विविधताओं के विसर्जन का अनुभव जुड़ा होता है। इन परिवर्तनों पर साहित्यिक और काव्यात्मक दृष्टिकोणों से महत्वपूर्ण चर्चा हुई है, लेकिन इसके न्युरोकॉग्निटिव और मनोवैज्ञानिक परिणामों पर अध्ययन कम है। पहले व्यक्ति के दृष्टिकोणों के पाठ्य विश्लेषण के माध्यम से यह अध्ययन काव्य अनुवाद में सांस्कृतिक दृष्टिकोणों के मतभेदों के प्रभाव की व्याख्या में न्यूरोसाइंस को लागू करने का प्रयास करता है। हमारे निष्कर्ष बताते हैं कि पहले व्यक्ति के दृष्टिकोणों को पूरक करने की सामान्य प्रवृत्ति मिरर न्यूरॉन्स और टेम्पोरल पैरीटाल जंक्शन को सक्रिय करके विसर्जन अनुभव को बढ़ा सकती है। यह न्यूरोसाइंटिफिक तंत्र जो प्रेक्षित सांस्कृतिक घटना के पीछे हैं, चीनी कविता के ऐसे अनुवाद के लिए संकेत प्रदान करते हैं जो स्रोत पाठ के समान मस्तिष्क प्रतिक्रियाओं और न्यूरोट्रांसमीटरों को उत्पन्न करता है। यह अध्ययन दर्शाता है कि न्यूरोसाइंस में शोध कैसे सांस्कृतिक संवाद में निष्कर्षों को स्पष्ट कर सकता है।
चेन आदि (शुक्रवार,) ने इस प्रश्न का अध्ययन किया।
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