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शोध ने लगातार यह प्रदर्शित किया है कि संगठनात्मक नागरिकता व्यवहार (OCBs) कर्मचारियों और संगठनों के लिए कई सकारात्मक परिणाम उत्पन्न करते हैं। हालांकि, हाल के अध्ययनों से पता चलता है कि कर्मचारी अक्सर OCBs में इसलिए शामिल नहीं होते क्योंकि वे ऐसा करना चाहते हैं, बल्कि इसलिए कि उन्हें लगता है कि उन्हें ऐसा करना ही होगा, और यह स्पष्ट नहीं है कि क्या बाहरी कारणों से किए गए OCBs के व्यक्तियों और संगठनात्मक कार्यप्रणाली पर वही सकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं जो पारंपरिक OCBs के होते हैं। इस लेख में, हम OCB के संभावित नकारात्मक परिणाम का सुझाव देने के लिए आत्म-निर्णय (self-determination) और नैतिक लाइसेंसिंग (moral licensing) सिद्धांतों का सहारा लेते हैं। विशेष रूप से, हम तर्क देते हैं कि जब कर्मचारी बाहरी दबावों के कारण OCB में शामिल होने के लिए बाध्य महसूस करते हैं, तो वे बाद में अपने कर्तव्य से बढ़कर काम करने के कारण मनोवैज्ञानिक रूप से हकदार (entitled) महसूस करते हैं। इसके अलावा, पात्रता (entitlement) की ये भावनाएं नैतिक साख (moral credentials) के रूप में कार्य कर सकती हैं जो कर्मचारियों को पारस्परिक और संगठनात्मक दोनों तरह के विचलन (deviance) में शामिल होने के लिए मनोवैज्ञानिक रूप से मुक्त करती हैं। दो बहु-स्रोत क्षेत्र अध्ययनों और एक ऑनलाइन प्रयोग के आंकड़े इन परिकल्पनाओं का समर्थन करते हैं। इसके अतिरिक्त, हम यह प्रदर्शित करते हैं कि OCB से उत्पन्न पात्रता की भावनाएं संगठनात्मक सीमाओं से परे जाती हैं और संगठन के बाहर विचलन की ओर ले जाती हैं।
Yam et al. (Wed,) ने इस प्रश्न का अध्ययन किया।
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