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इस बहु-प्लेटफार्म अध्ययन में, मैं संयुक्त राज्य अमेरिका (U.S.) में 30 समलैंगिक, समलिंगी, उभयलिंगी, ट्रांसजेंडर, और क्वीर (LGBTQ+) व्यक्तियों के साथ साक्षात्कारों का विश्लेषण करता हूँ ताकि यह दिखा सकूँ कि कैसे सामाजिक नेटवर्किंग साइटें (SNS) और खोज इंजन उनकी पहचान कार्य को संभावित और सीमित करते हैं। डेटा विश्लेषण उन तीन प्रमुख संभावनाओं और सीमाओं को पहचानता है कि प्रतिभागी अपनी LGBTQ+ पहचान कैसे बनाते, बातचीत करते हैं और बनाए रखते हैं: पहचान अभिव्यक्ति, दृश्यता, और गोपनीयता। मैं प्रत्येक का अन्वेषण एक त्रैतीय विश्लेषणात्मक ढांचे का उपयोग करते हुए करता हूँ जिसमें कलंक, रणनीतियाँ, और प्रामाणिकता शामिल हैं। परिणाम बताते हैं कि प्रतिभागी किस तरह से हेटरो- और जेंडर-नार्मेटिव विचारों को SNS और खोज इंजनों में कोडित करते हैं ताकि वे अपनी LGBTQ+ पहचान की पुष्टि कर सकें। डिज़ाइनर इन परिणामों का उपयोग LGBTQ+ पहचान को समाहित करने वाले प्लेटफार्म बनाने के लिए कर सकते हैं जो इन नेविगेशनों को संभावित करते हैं, न कि सीमित।
वनीसा किट्ज़ी (सन,) ने इस प्रश्न का अध्ययन किया।