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उद्देश्य: उन्नत आयु-संबंधित मैक्युलर डिजनरेशन (ARMD) से जुड़ी गंभीर दृष्टि हानि से पीड़ित रोगियों की मनोसामाजिक आवश्यकताओं को आम तौर पर नैदानिक दिनचर्या में अनदेखा कर दिया जाता है। इस अध्ययन का उद्देश्य ARMD रोगियों के लिए एक मनोसामाजिक हस्तक्षेप (psychosocial intervention) कार्यक्रम विकसित और मूल्यांकित करना था। यह हस्तक्षेप कार्यक्रम पांच साप्ताहिक समूह सत्रों में आयोजित छह मॉड्यूल पर आधारित था। इन मॉड्यूल में शामिल थे: (a) प्रोग्रेसिव मसल रिलैक्सेशन; (b) बीमारी से संबंधित अनुभवों का आदान-प्रदान; (c) विचार, भावना और व्यवहार के बीच संबंधों को समझना; (d) उपलब्ध संसाधनों का विवरण और उनके उपयोग पर जोर; (e) सामान्य समस्या-समाधान कौशल में सुधार, और (f) ARMD-संबंधित उपचार और पुनर्वास विकल्पों पर जानकारी का आदान-प्रदान। डिज़ाइन और विधियाँ: इस हस्तक्षेप कार्यक्रम का प्रारंभिक मूल्यांकन एक प्रीइंटरवेन्शन-पोस्टइंटरवेन्शन तुलना-समूह अनुसंधान डिजाइन की सहायता से किया गया था, जिसमें इंटरवेन्शनल समूह में 14 व्यक्ति (औसत आयु 73.1 वर्ष) और तुलना समूह में 8 प्रतिभागी (औसत आयु 72.6 वर्ष) शामिल थे। प्रीइंटरवेन्शन-पोस्टइंटरवेन्शन मूल्यांकन में भावनात्मक (जैसे, सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव) के साथ-साथ व्यवहार संबंधी (जैसे, गतिविधियों की सीमाएं और दैनिक जीवन की इंस्ट्रूमेंटल गतिविधियां) परिणाम मापों के एक समूह को शामिल किया गया। परिणाम: हालांकि पायलट मूल्यांकन परीक्षण का नमूना आकार छोटा था, हमारे परिणाम इस पायलट कार्यक्रम की उपयोगिता को प्रदर्शित करते हैं। इंटरवेन्शनल समूह की तुलना समूह के साथ तुलना करने वाले सांख्यिकीय विश्लेषण से पता चला कि छह में से पांच परिणाम मापों में इंटरवेन्शन समूह को कार्यक्रम से लाभ हुआ। निष्कर्ष: ARMD से पीड़ित रोगियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए मनोसामाजिक समूह हस्तक्षेप एक आशाजनक दृष्टिकोण है।
Birk et al. (Wed,) ने इस प्रश्न का अध्ययन किया।