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अध्ययन का उद्देश्य: प्रसव में महिलाओं की मदद करने में पारंपरिक प्रसव सहायक (टीबीए) की प्रथाओं को वर्णित करना और माताओं तथा स्वास्थ्य पेशेवरों द्वारा टीबीए के प्रति धारणाएँ। कार्यप्रणाली: सिएरा लियोन के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में फोकस समूहों का उपयोग कर गुणात्मक डिज़ाइन। प्रत्येक प्रतिभागी समूह के लिए अलग-अलग ऑडियोटेप किए गए फोकस समूह आयोजित किए गए, जो 45 से 90 मिनट के बीच चले। प्रतिभागी: 20 टीबीए, 20 माताओं और 10 स्वास्थ्य पेशेवरों का उद्देश्यपूर्ण नमूना जिन्होंने निम्नलिखित मानदंडों को पूरा किया: (क) 18 वर्ष या उससे अधिक आयु, (ख) वर्तमान में प्रैक्टिस कर रहे टीबीए, (ग) माताएँ जिन्होंने कम से कम एक बच्चे का प्रसव टीबीए की सहायता से किया, और (घ) स्वास्थ्य पेशेवर जो वर्तमान में अस्पताल में प्रैक्टिस कर रहे हैं और टीबीए प्रथाओं से परिचित हैं। निष्कर्ष: माताओं, स्वास्थ्य पेशेवरों और समुदाय द्वारा टीबीए को मूल्यवान माना जाता है क्योंकि वे माताओं को सुलभ और सस्ती देखभाल प्रदान करते हैं जिन्हें अन्यथा स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच नहीं हो सकती। माताओं के प्रभावी संदर्भ के लिए टीबीए को प्रशिक्षण, निगरानी और संसाधनों की आवश्यकता है। स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में व्यवस्थित समस्याएँ माताओं और बच्चों के लिए प्रभावी देखभाल में enorme बाधाएँ उत्पन्न करती हैं, जो टीबीए प्रथाओं के स्वतंत्र हैं जो उच्च मातृ और शिशु मृत्यु दर में योगदान देती हैं। अध्ययन के निष्कर्षों का देश में मातृ एवं बाल स्वास्थ्य में सुधार के लिए व्यापक सार्वजनिक नीति पर असर पड़ेगा।
डॉर्वी और अन्य ने (मंगलवार,) इस प्रश्न का अध्ययन किया।