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मनोविश्लेषण एक तरीका है जिसमें मानसिक disorders के उपचार के लिए उन सभी तरीकों की जांच की जाती है, जिनसे पीड़ितों को उनके अतीत के जीवन, सपनों आदि को याद करने में मदद मिल सकती है। यह एक प्रयास है छिपी हुई भूल गई चिंताओं या इच्छाओं को खोजने का जो किसी के व्यवहार को बिना उसकी जानकारी के प्रभावित करती हैं। इस लेख का उद्देश्य ए.सी. जॉर्डन के उपन्यास "इंगकुम्बो येमिन्यां" में ज़्वेलिंज़िमा और थेमबेका/नोबांतु के पात्रों की विस्तृत व्याख्या करना है, ताकि "न्यूरोसिस के छिपे हुए कारणों का खुलासा किया जा सके ताकि पात्र को उसके संघर्षों से राहत मिल सके, इस प्रकार असुविधाजनक लक्षणों को समाप्त किया जा सके" (ग्रैबे, 1986)। यह लेख जॉर्डन के उपन्यास में विभिन्न पात्रों के व्यवहार पर ध्यान केंद्रित करेगा। मनोविश्लेषण इस विचार में निहित है कि मनुष्यों के पास अवचेतन इच्छाएँ होती हैं जिन्हें व्यवहार को समझने के लिए विश्लेषित किया जाना चाहिए। इस लेख का जोर इस बात पर होगा कि मनोविश्लेषण कैसे पाठक, आलोचक या विश्लेषक को पात्रों के मन की आंतरिक कार्यप्रणाली में प्रवेश करने में मदद कर सकता है।
एल.एल. क्वाट्शा (मंगल,) ने इस प्रश्न का अध्ययन किया।
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