सारांश यह लेख आधुनिक कानूनी सिद्धांत में सीमाओं और संभावनाओं का अन्वेषण करता है ताकि जलवायु परिवर्तन के लिए कॉर्पोरेट उत्तरदायित्व के लिए एक ठोस सिद्धांतात्मक आधार प्रदान किया जा सके। लेख सबसे पहले जलवायु परिवर्तन पर वैज्ञानिक सहमति और इसके प्रभावों को संबोधित करने में कॉर्पोरेट जिम्मेदारी की आवश्यकता को स्वीकार करता है। इसके बाद मौजूदा कानूनी ढांचे की जांच की गई है, जिसमें राष्ट्रीय, अतिरिक्त-राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय नियम शामिल हैं, जो उत्सर्जन लक्ष्यों से लेकर अनुकूलन रणनीतियों तक फैले हुए हैं। लेख फिर तर्क करता है कि जबकि आधुनिक कानूनी सिद्धांत कॉर्पोरेट उत्तरदायित्व की जटिलताओं को पूरी तरह से समझने में अपर्याप्त हो सकता है, विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय संदर्भों में, इसका पूर्ण पुनर्निर्माण अभी भी आवश्यक नहीं है। चुनौती आधुनिक कानूनी प्रथाओं की बहुवचनात्मक प्रकृति को पहचानने और उन्हें विकासशील सिद्धांतात्मक ढांचों में समेकित करने में है ताकि जलवायु परिवर्तन के लिए कॉर्पोरेट उत्तरदायित्व की बहुआयामी प्रकृति को प्रभावी ढंग से संबोधित किया जा सके।
Matej Avbelj (Sun,) ने इस प्रश्न का अध्ययन किया।