Key points are not available for this paper at this time.
उद्देश्य: इस अध्ययन का उद्देश्य यह निर्धारित करना था कि क्या उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए जीवनशैली हस्तक्षेप गर्दन, कंधे, कोहनी और कलाई के लक्षणों को प्रभावित कर सकता है। पद्धतियाँ: एक यादृच्छिक नियंत्रित परीक्षण (randomized controlled trial) में, 45 कार्यस्थलों से 731 कर्मचारियों को 12 महीनों के लिए एक पुनर्वास केंद्र में जीवनशैली हस्तक्षेप या व्यावसायिक अथवा प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं द्वारा प्रदान की जाने वाली सामान्य देखभाल के लिए निर्दिष्ट किया गया था। प्रतिभागियों का सिस्टोलिक रक्तचाप 140-179 mm Hg या डायस्टोलिक रक्तचाप 90-109 mm Hg था, या वे एंटीहाइपरटेंसिव दवा उपचार ले रहे थे। कार्डियोवैस्कुलर जोखिम कारकों के अलावा, हस्तक्षेप से पहले और 1 वर्ष बाद पिछले 12 महीनों के दौरान गर्दन, कंधे, कोहनी और कलाई के लक्षणों तथा विकलांगता की घटनाओं को दर्ज किया गया था। परिणाम: पिछले 12 महीनों के दौरान गर्दन के दर्द के कारण रिपोर्ट की गई विकलांगता में सामान्य देखभाल वाले समूह (-2%) की तुलना में हस्तक्षेप समूह (-7%) में काफी अधिक कमी आई। महिलाओं (शुद्ध परिवर्तन 16%) और अधिक शारीरिक रूप से सक्रिय प्रतिभागियों (शुद्ध परिवर्तन 10%) में पिछले 7 दिनों के दौरान महसूस किए गए कंधे के दर्द में भी नियंत्रण समूह की तुलना में हस्तक्षेप समूह में काफी अधिक कमी आई। हस्तक्षेप समूह में वजन, बॉडी मास इंडेक्स, और कमर तथा कूल्हे की परिधि में कमी आई, और शारीरिक गतिविधि में काफी अधिक वृद्धि हुई। कोहनी या कलाई के दर्द और उससे संबंधित विकलांगता में परिवर्तन हस्तक्षेप और नियंत्रण समूहों के बीच महत्वपूर्ण रूप से भिन्न नहीं थे। निष्कर्ष: उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए जीवनशैली हस्तक्षेप का गर्दन के दर्द के कारण होने वाली विकलांगता पर अनुकूल प्रभाव पड़ता है।
Mattila et al. (Tue,) ने इस प्रश्न का अध्ययन किया।