अनुवाद का अर्थ किसी शब्द को एक भाषा से दूसरी भाषा में मात्र बदलना नहीं होता। वास्तविक चुनौती यह होती है कि लेखक या रचनाकार के विचार, भाव और संस्कृति को सही ढंग से दूसरी भाषा में पहुँचाया जाए। भारतीय भाषाओं में अनुवाद करते समय जब भाषागत दूरी या भाव-ग्रहण में मनोवैज्ञानिक बाधाएँ होती हैं, तब अनुवाद की समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। भारतीय भाषाओं से हिंदी में अनुवाद की समस्याओं को समझने के लिए उनके मूल स्रोतों तक जाना पड़ता है। उस भाषा को उसके इतिहास, भूगोल और समाजशास्त्रीय संदर्भों के साथ, अर्थगत बनावट के बीच से समझना पड़ता है, ताकि रचनात्मक संवेदना का सही बोध हो सके। तभी कहा जा सकता है कि अनुवाद मानव सभ्यता की सबसे प्राचीन और महत्वपूर्ण बौद्धिक प्रक्रियाओं में से एक है।
Prof. Ms. Mokal M. D. (Sun,) studied this question.