21वीं सदी में तकनीकी परिवर्तन तेज गति से हो रहा हैं। मानव के जीवन में भाषा संप्रेषण के लिए महत्वपूर्ण साधन है। भाषा का उपयोग सृजनात्मक एवं व्यावहारिक रूप में पाया जाता है। आज भाषा कौशल को रोजगार दृष्टि से देखा जा रहा है। भाषा कौशल का महत्व व्यवसाय, मीडिया, फिल्म, शिक्षा, अनुवाद, कंटेंट निर्माण, पर्यटन, विज्ञापन, सूचना प्रौद्योगिकी आदि जगहों पर विकसित हो रहा है। विश्व की सभी भाषाओं का महत्व बढ़ता जा रहा है। विश्व में बाजारवाद पनप रहा है, जिसमें हर व्यक्ति तथा वस्तु का मूल्य निर्माण किया जा रहा है। भारतीय परिप्रेक्ष्य में हिंदी के साथ प्रादेशिक भाषाएँ विशेष स्थान प्राप्त कर रही है। भाषा के ज्ञान के साथ विशेष एवं तकनीकी ज्ञान से रोजगार तथा व्यवसाय की अनेक परतें खुलती है।
Dr. Ashok Muralidhar Ghorpade (Sun,) studied this question.