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परिचय: सपनों पर किए गए शोध ने कष्टप्रद सपनों की बढ़ती आवृत्ति, विशिष्ट विषय-वस्तु (Hall Van de Castle system का उपयोग करके विश्लेषित) और न्यूरोलॉजिकल स्थितियों व डिमेंशिया के बढ़ने की अधिक घटनाओं के बीच संबंध दर्शाया है। पश्चिमी दुनिया में सपनों की विषय-वस्तु द्वारा बीमारियों की भविष्यवाणी करने का इतिहास मुख्य रूप से प्राचीन ग्रीक चिकित्सा से जुड़ा माना जाता है। यह इस जिज्ञासा को बढ़ावा देता है कि क्या पूर्वी दुनिया की प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों में भी ऐसा कोई चलन मौजूद था। Ayurveda चिकित्सा की एक ऐसी पारंपरिक प्रणाली है, जो भारतीय उपमहाद्वीप की मूल पद्धति है। Charaka Samhita, Ayurveda के सबसे पुराने ग्रंथों में से एक है, जिसमें कुल मिलाकर 8 खंड और 120 अध्याय शामिल हैं। इस समीक्षा के उद्देश्य के लिए इस पाठ का चयन किया गया था, जिसमें जांच की दिशा यह थी कि Ayurveda बीमारियों से जुड़े सपनों के बारे में क्या कहता है? ऐसे सपनों की विषय-वस्तु क्या होती है? इसके अलावा, Hall Van de Castle system का उपयोग करके सपनों की सामग्री का विश्लेषण किया गया, जो संभवतः पहली बार किसी Ayurveda ग्रंथ की सामग्री पर किया गया है। उद्देश्य: 1) यह पता लगाना कि क्या Charaka Samhita बीमारियों, बीमारियों के चरणों और उनके रोगनिदान (prognosis) के संबंध में सपनों का उल्लेख या वर्णन करता है। 2) बीमारियों के पूर्वसूचक (prodromal) चरण में देखे जाने वाले सपनों की विषय-वस्तु का विश्लेषण करना। विधियाँ: 1- इन प्रश्नों के उत्तर देने के लिए Charaka Samhita पाठ को अध्याय-दर-अध्याय स्कैन किया गया- क) सपनों के प्रकार क्या हैं? ख) क्या कोई सपने बीमारियों से जुड़े हैं? ग) क्या बीमारियों के पूर्वसूचक चरण में किसी सपने का उल्लेख है? घ) उनका क्या तात्पर्य है? ङ) उनकी विषय-वस्तु क्या है? 2- पूर्वसूचक सपनों की सामग्री का Hall Van de Castle system की श्रेणियों के आधार पर विश्लेषण किया गया। परिणाम: Charaka Samhita के अनुसार, सपनों के प्रकार हैं: i) जो देखे गए पर आधारित हैं ii) सुने गए iii) मनन किए गए iv) अभिलाषित v) कल्पित vi) भविष्यसूचक प्रकार के और vii) बीमारियों के कारण होने वाले। पूर्वसूचक चरण में विशिष्ट सपने, विशिष्ट बीमारियों (हल्की या घातक) के प्रकट होने की भविष्यवाणी करते हैं। विविध स्वप्न सामग्रियों (18 विषयों का उल्लेख) में, जो वस्तुओं, जानवरों से लेकर देवी-देवताओं और राक्षसों तक फैली हैं, अतीत के तत्वों को छोड़कर, बाकी सामान्य श्रेणियां कम से कम एक बार दिखाई देती हैं। चरित्र, वस्तुएं, गतिविधियां और सामाजिक संपर्क की श्रेणियां अन्य की तुलना में अधिक सामान्य थीं। निष्कर्ष: इस प्रकार प्राचीन ग्रीक चिकित्सा के समान, Ayurveda में भी स्वप्न की सामग्री के आधार पर बीमारियों की भविष्यवाणी करने का चलन था। हितों का प्रकटीकरण (Disclosure of Interest): कोई घोषित नहीं।
Iyer et al. (Mon,) ने इस प्रश्न का अध्ययन किया।
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