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सार यह अध्ययन चरम जोखिमों (टेल रिस्क्स) की व्यक्तिगत धारणाओं का पहला व्यापक विश्लेषण प्रदान करता है। यह केवल संभावना पर ही ध्यान केंद्रित नहीं करता है, जैसा कि Nicholas Barberis और अन्य द्वारा अध्ययन किया गया है, बल्कि क्षति के पूर्वानुमान पर भी ध्यान केंद्रित करता है। हम जांच करते हैं कि ये धारणाएं विशेषज्ञों के अनुमानों और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जोखिम जानकारी से कैसे संबंधित हैं। व्यवहार संबंधी कारक—उपलब्धता पूर्वाग्रह (अवेलेबिलिटी बायस), विकल्प के थ्रेशोल्ड मॉडल, चिंता और विश्वास—जोखिम धारणाओं पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालते पाए गए हैं। चरम घटनाओं की संभावना को अधिक करके आंका जाता है (ओवरएस्टीमेट किया जाता है), जो प्रॉस्पेक्ट सिद्धांत में प्रायिकता भार (प्रोबेबिलिटी वेटिंग) के अनुरूप है। संभावित क्षति को कम करके आंका जाता है (अंडरएस्टीमेट किया जाता है), जो एक कारण है कि व्यक्ति सुरक्षात्मक उपायों में निवेश क्यों नहीं करते हैं।
Botzen et al. (Wed,) ने इस प्रश्न का अध्ययन किया।
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