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उद्देश्य: हमारा अध्ययन का उद्देश्य क्लिनिकल स्टेज (CS) II और III NSGCT वाले रोगियों में प्रगति-रहित जीवनकाल (PFS) का वर्णन करना है, जिनमें प्राथमिक या द्वितीयक CT के बाद नकारात्मक सीरम मार्कर्स (NSM) के साथ RM है। कीमोथेरेपी (CT) के बाद गैर-सेमिनोमैटस जर्म सेल ट्यूमर (NSGCT) में शेष द्रव्यमान (RM) को सबसे बड़ी परिधि में >1 सेमी के रूप में परिभाषित किया जाता है। RM के लिए पसंदीदा उपचार रेट्रोपेरिटोनियल लिंफ नोड डिसेक्शन (RPLND) है, जिसका उपचार दर 80% से अधिक है। विधियाँ: हमने 2007 से 2020 के बीच NSGCT, RM और NSM वाले 60 रोगियों की पहचान की। क्लिनिकल और ऑन्कोलॉजिकल परिणामों के साथ-साथ रोग संबंधी जानकारी हमारी इलेक्ट्रॉनिक डेटाबेस से पूर्ववर्ती शैली में प्राप्त की गई। परिणाम: कुल 60 रोगियों को शामिल किया गया। मामलों का 50% CS II था, और 50% CS III। लगभग 90% रोगियों ने RPLND करवाई थी। इनमें से 73.6% रोगियों में टेराटोमा पाया गया। CS II रोगियों में PFS और OS CS III की तुलना में बेहतर थे। अवलोकन से उपचारित रोगियों की PFS उन रोगियों की तुलना में कम पाई गई जो RPLND के अधीन थे। RPLND के बाद जीवित ट्यूमर वाले रोगियों में टेराटोमा और फाइब्रोसिस वाले रोगियों की तुलना में OS कम था। निष्कर्ष: RPLND CT और NSM के बाद RM वाले रोगियों के लिए पसंद का उपचार बना रहता है।
Ocampo-Gómez इत्यादि (मंगलवार,) ने इस प्रश्न का अध्ययन किया।