भाषा एक ऐसा माध्यम है, जो एक मनुष्य को दूसरे मनुष्य से जोड़ता है। मनुष्य को ही नहीं, बल्कि यह एक संस्कृति को दूसरी संस्कृति के साथ भी संलग्न करती है। विश्व में लगभग 7000 से अधिक भाषाएँ बोली जाती हैं। बहुभाषिक भारत देश में संविधान द्वारा 22 भाषाओं को अधिकृत मान्यता दी गई है। इसी भाषा के सहारे आज “वसुधैव कुटुंबकम्” या “एक पृथ्वी, एक घर” की संकल्पना को हम पूर्ण कर सकते हैं।हर व्यक्ति के लिए सभी भाषाएँ सीखना संभव नहीं है, और इसी व्यवहारिक कठिनाई से भाषा अनुवाद का जन्म हुआ होगा। अनुवाद का अर्थ है - स्रोत भाषा को लक्ष्य भाषा में बिना भाव बदले परिवर्तित करना। वैश्विक स्तर पर भाषा अनुवाद की प्रक्रिया तेजी से बढ़ रही है। यह एक बहुत बड़ी कला है, जिससे सभी लोग परिचित नहीं होते। इस क्षेत्र में बहुत कम लोग सेवा कर रहे हैं। आज दुनिया की 7000 से अधिक भाषाएँ हमें इंटरनेट, मोबाइल, यूट्यूब जैसे संचार माध्यमों पर आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं। यही उपलब्धियाँ हमें रोजगार के अवसर भी प्रदान कर रही हैं। स्थानीय भाषाओंहिंदी और मराठीका अनुवाद वैश्विक स्तर पर आर्थिक और सांस्कृतिक अवसर पैदा कर रहा है। आज कृत्रिम या मशीनी भाषा अनुवाद के माध्यम से अनुवाद का कार्य काफी आसान हो गया है, परंतु मशीनी अनुवाद में भावनाओं की कमी आज भी महसूस होती है। इसलिए मानवीय संवेदनशीलता और संस्कृति को समझने के लिए मनुष्य द्वारा किया गया अनुवाद ही सबसे महत्वपूर्ण माना जाएगा।
Awate et al. (Sun,) studied this question.
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