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उद्देश्य: यह जांचना कि क्या अर्ली ट्रांसमिट्रल फ्लो वेलोसिटी (E) और अर्ली डायस्टोलिक माइट्रल एनुलर वेलोसिटी (E') का अनुपात नॉन-वाल्वुलर एट्रियल फाइब्रिलेशन वाले रोगियों में रोग का निदान (प्रॉग्नोसिस) करता है। तरीके: नॉन-वाल्वुलर एट्रियल फाइब्रिलेशन वाले 230 रोगियों को नामांकित और अध्ययन किया गया। E/E' मान के अनुसार, रोगियों को कम (E/E' < 15 वाला समूह A) और उच्च (E/E' ≥ 15 वाला समूह B) E/E' वाले समूहों में विभाजित किया गया था। परिणाम: फॉलो-अप (औसत 245 दिन) के दौरान, 21 (9.1%) मौतों को दर्ज किया गया। सभी कारणों से होने वाली मृत्यु (15/90 (16.7%) बनाम 6/140 (4.3%)), कार्डियक मृत्यु (10 (11.1%) बनाम 2 (1.4%)) और कंजेस्टिव हार्ट फेलियर (16 (17.8%) बनाम 8 (5.7%)) समूह A की तुलना में समूह B में अधिक सामान्य थे (सभी p < 0.01)। एक Kaplan-Meier सर्वाइवल कर्व ने दर्शाया कि संचयी जीवित रहने की दर समूह A की तुलना में समूह B में काफी कम थी (log rank p = 0.0013)। मल्टीवेरिएबल लॉजिस्टिक रिग्रेशन विश्लेषण द्वारा, E/E' (chi(2) = 4.47, odds ratio (OR) 1.05, 95% confidence interval (CI) 1.01 to 1.11, p = 0.03) और आयु (chi(2) = 6.45, OR 1.06, 95% CI 1.01 to 1.11, p = 0.02) मृत्यु दर के स्वतंत्र भविष्यवक्ता थे। निष्कर्ष: लेफ्ट वेंट्रिकुलर फिलिंग प्रेशर का डॉपलर-व्युत्पन्न सूचकांक, E/E', नॉन-वाल्वुलर एट्रियल फाइब्रिलेशन वाले रोगियों के नैदानिक परिणामों का एक शक्तिशाली भविष्यवक्ता है।
Hiroyuki Okura (Tue,) ने इस प्रश्न का अध्ययन किया।