किसी भी समाज की सामाजिक-आर्थिक एवं राजनीतिक एवं तकनीकी प्रगति तभी हो सकती है जब उस क्षेत्र की स्थानीय नेता या प्रतिनिधित्वकर्ता की सामाजिक-आर्थिक के साथ-साथ उसकी शैक्षणिक स्थिति सुदृढ़ हो। शोधार्थी द्वारा ‘‘प्रत्याशियों की सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि का राजनीतिक विश्लेषण’’ शोध पत्र में बेमेतरा जिले के विधानसभा के प्रत्याशी एवं स्थानीय निकायों के चुनाव के उम्मीदवारों की राजनीतिक समीक्षा एवं प्रभावी कारकों को ज्ञात करने का प्रयास किया गया है। इसमें पूर्णतः द्वितीयक आंकड़ों के माध्यम से उम्मीदवारों की राजनीतिक समीक्षा किया गया है जो पूर्व के सम्पन्न चुनावों में प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े हैं। उक्त आंकड़े जिला निर्वाचन कार्यालय राज्य निर्वाचन कार्यालय से संकलित किया गया है। वे प्रत्याशी जो सामाजिक-आर्थिक दृष्टिकोण से सुदृढ़ है, उनकी चुनाव जीतने की प्रबल संभावना होती है तथा वे प्रत्याशी जो सामाजिक-आर्थिक क्षेत्र में सामान्य अथ्ज्ञवा पिछड़े होते हैं ऐसे प्रत्याशी की जीत की संभावना बहुत कम होती है, चाहे वे किसी भी जाति, वर्ग या धर्म/समुदाय से क्यों न आते हों।
Building similarity graph...
Analyzing shared references across papers
Loading...
मलाकी et al. (Thu,) studied this question.
synapsesocial.com/papers/6a192e4efab5b468c44174e3 — DOI: https://doi.org/10.5281/zenodo.20410861
शोभारानी मलाकी
Weatherford College
डॉ. अनिता सामल
Weatherford College
Weatherford College
Building similarity graph...
Analyzing shared references across papers
Loading...